नई शिक्षा नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी दुवारा लाये गए नए शिक्षा नीति क़ाबलिये तारीफ है नए शिक्षा नीति के आने से कम परीक्षा होगी जैदा मार्क्स लाने का दबाब ना होगा और सब्जेक्ट चुनने में कई परेशानी भी नही होगी जैसे पहले कोई बच्चा आर्ट्स ले के हिस्ट्री या जियोग्राफी पढ़ता था तो लोग ये कहते थे कि साइंस नही पढ़ सकता इसलिए हिस्ट्री या एकाउंट पढ़ रहा है इसमें आप अपने अनुशार बिषय का चयन कर सकते है आप फीजिक्स भी रख सकते है और जियोग्राफी भी..👍 भारत में कई वर्षो से चली आ रही शिक्षा नीति को हाल ही में सम्पूर्ण रूप से बदल दिया गया। सबसे पहले शिक्षा नीति इंदिरा गाँधी जी ने सन 1968 में शुरू किया था। उसके बाद राजीव गाँधी ने भी इसमें ज़रूरी बदलाव किये थे। 1992 में प्रधानमन्त्री नरसिम्हा राव ने भी इसमें ज़रूरी बदलाव किये थे। जैसे की हम देखते है कि कोई भी चीज़ एक जगह पर बहुत वर्षो से पड़ी है, तब उसमे धुल जम जाया करती है, पहले की शिक्षा नीति का हाल भी ठीक कुछ ऐसा ही था। शिक्षा नीति में भी नया परिवर्तन लाया गया। पुराने शिक्षा नीति से शिक्षा और उन्नति की प्रगति कहीं न कहीं रुक गयी थी। केंद्र की मोदी सरकार ने ...