PG 4th सेम के exam खत्म होने के बाद ही हम 5 जिगरी दोस्त बिछर गये हम पाँचो दोस्त मधुबनी जिला के अलग अलग प्रखण्ड से आते है कोई जयनगर तो कोई बासोपट्टी तो कोई कलुआही से तो कोई बेनीपट्टी तो कोई झंझारपुर से आते है.. हम सबको कल कॉलेज मे क्या करना होता उसका प्लान रात को ही बना लेते थे हम लोगो के ग्रुप मे सबसे सिनयर नवीन भैया है ब्लू सर्ट वाले उन्ही को लीडर मानते है हम लोग उसका नुकसान हमेसा उनको उठाना परता था कभी पुलिस के पास तो कभी कोल्ड्रिंक शॉप पे जब भी हम लोग ट्रिपल लोडिंग करते पकड़े जाते थे पुलिस से तो हम लोग नवीन भैया को लीडर बोल के निकल जाते थे बेचारा हमेसा पकड़े जाते थे कभी फाइन देना पड़ता था नही तो कभी बहुत डाट सुनना पड़ा है उनको ... उनका प्रेम कहानी बताता हूँ वो ना अपने ही कॉलेज के किसी भाभी से प्यार कर बैठे जिसकी शादी पहले ही किसी से हो गया था बेचारा 2 साल उनके पीछे कैसे बर्बाद किया हम लोगो से बेहतर कोन जान सकता है अब उसके बाद अभिसेक जो ब्लू टिसर्ट मे है वैसे तो वो बड़ा सांत सुअभाव का है लेकिन वो का होता है अंदर का घुइया ना ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी दुवारा लाये गए नए शिक्षा नीति क़ाबलिये तारीफ है नए शिक्षा नीति के आने से कम परीक्षा होगी जैदा मार्क्स लाने का दबाब ना होगा और सब्जेक्ट चुनने में कई परेशानी भी नही होगी जैसे पहले कोई बच्चा आर्ट्स ले के हिस्ट्री या जियोग्राफी पढ़ता था तो लोग ये कहते थे कि साइंस नही पढ़ सकता इसलिए हिस्ट्री या एकाउंट पढ़ रहा है इसमें आप अपने अनुशार बिषय का चयन कर सकते है आप फीजिक्स भी रख सकते है और जियोग्राफी भी..👍 भारत में कई वर्षो से चली आ रही शिक्षा नीति को हाल ही में सम्पूर्ण रूप से बदल दिया गया। सबसे पहले शिक्षा नीति इंदिरा गाँधी जी ने सन 1968 में शुरू किया था। उसके बाद राजीव गाँधी ने भी इसमें ज़रूरी बदलाव किये थे। 1992 में प्रधानमन्त्री नरसिम्हा राव ने भी इसमें ज़रूरी बदलाव किये थे। जैसे की हम देखते है कि कोई भी चीज़ एक जगह पर बहुत वर्षो से पड़ी है, तब उसमे धुल जम जाया करती है, पहले की शिक्षा नीति का हाल भी ठीक कुछ ऐसा ही था। शिक्षा नीति में भी नया परिवर्तन लाया गया। पुराने शिक्षा नीति से शिक्षा और उन्नति की प्रगति कहीं न कहीं रुक गयी थी। केंद्र की मोदी सरकार ने ...
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